प्रश्न-1. बोध प्रश्न : उत्तर लिखिए –
(क) चिड़िया को दाना बढ़ई के पास क्यों छोड़ना पड़ा ?
उत्तर- चिड़िया भोजन करने से पहले नहाना चाहती थी, इसलिए उसे मटर का दाना बढ़ई के पास छोड़ना पड़ा |
(ख) दाना खो जाने के बाद चिड़िया न्याय के लिए किस-किस के पास गई ?
उत्तर- दाना खो जाने के बाद चिड़िया न्याय के लिए सिपाही, थानेदार, मंत्री, राजा और चींटी के पास गई |
(ग) चिड़िया ने राजा से क्या कहा ?
उत्तर- चिड़िया ने राजा से कहा, “राजा जी, आप तो इस देश के मालिक हैं | क्या आप मेरी सहायता करेंगे ?”
(घ) चींटी ने किस प्रकार चिड़िया की मदद की ?
उत्तर- चींटी ने हाथी से कहा कि वह राजा से चिड़िया की मदद करने के लिए कहे नहीं तो उसके सूंड में काट लेगी | हाथी ने राजा से कहा कि आप चिड़िया की मदद कीजिए , नहीं तो चींटी मुझे काटेगी और मैं आपको नीचे गिरा दूंगा | राजा को हाथी की बात माननी पड़ी | इस प्रकार चिड़िया को मटर का दाना मिल गया |
प्रश्न-2. अपना दाना वापस पाने के लिए चिड़िया कई लोगों के पास गई किंतु इन लोगों ने चिड़िया को झिड़क दिया। लिखें कि इन लोगों ने चिड़िया को क्या कहकर झिड़क दिया –
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व्यक्ति |
क्या कहकर झिड़क दिया? |
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बढ़ई |
मैं तुम्हारा नौकर थोड़े
ही हूँ | मुझे तो सरकार से वेतन मिलता है | तुम्हारा मटर का दाना गिर गया होगा | |
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सिपाही |
ये घमंडी चिड़िया, तेरी यह मजाल कि मुझे जाते हुए रोके ! मेरा काम क़ानून और शान्ति
बनाए रखना है | उसी की मुझे तनख्वाह मिलती है | तुम मरो या जियो,
मुझे इससे क्या ! |
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थानेदार |
तुम्हारी यह हिम्मत कि
मुझे रोक रही हो ? जानती नहीं, मंत्री जी दौरे पर आ रहे हैं और मुझे सारा बन्दोंबस्त करना है, उन्होंने मेरे काम को पसंद न किया तो मेरी तरक्की कैसे होगी ? तुम्हारा मटर का दाना खो गया है तो मुझे क्या ? |
|
मंत्री |
मैं तुम्हारी सहायता
करना चाहता हूँ लेकिन मेरे पास समय नहीं है | राजा इधर आयेंगे तो उनका
स्वागत मुझे ही करना है | |
प्रश्न-3. सोच-विचार : बताइए –
(क) किसी का कोई जरूरी सामान नहीं मिल रहा है। आप उसकी मदद कैसे करेंगे ?
उत्तर- उसके सामान को खोजने में यथासंभव मदद करेंगे |
(ख) आपकी क्या राय है ?
i]असली दोषी कौन था ?
उत्तर- असली दोषी बढ़ई था |
ii]मटर के एक दाने के लिए चिड़िया की भाग-दौड़ के विषय में।
उत्तर- चिड़िया चाहती तो मटर का दूसरा दाना ले आती , लेकिन उसने सबको अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए इतनी भाग-दौड़ की |
(ग) यदि चींटी भी मदद करने से इंकार कर देती तो चिड़िया और किसके पास जाती ?
उत्तर- चिड़िया स्वयं हाथी के पास जाती और उससे मदद माँगती |
प्रश्न-4. भाषा के रंग –
(क) समानार्थक शब्द लिखिए –
शब्द समानार्थक शब्द
खुश प्रसन्न
थानेदार दरोगा
मदद सहायता
तरक्की पदोन्नति
घमंडी अभिमानी
(ख) बढ़ई हँसकर बोला | अंगरक्षक जोर से चिल्लाया।
ऊपर दिए गए वाक्यों में ‘हँसकर’ तथा ‘जोर से’ शब्द क्रमशः: ‘बोला’ और ‘चिल्लाया’ क्रिया की विशेषता बता रहे हैं। क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया-विशेषण कहते हैं।
नीचे दिए गए वाक्यों में से ‘क्रिया-विशेषण‘ शब्द चुनकर लिखिए –
चिड़िया बहुत निराश हुई।
उसने मंत्री से अपनी कहानी रो-रो कर कही।
हाथी बोला, ‘मैं अपनी पीठ से आप को धड़ाम से पटक दूँगा।’
चिड़िया ने छककर भोजन किया।
(ग) विराम चिहनों का प्रयोग कीजिए –
चिड़िया ने नदी से लौटकर बढ़ई से पूछा तो वह बोला, “मैं तुम्हारा नौकर थोड़े ही हूँ | मुझे तो सरकार से वेतन मिलता है | तुम्हारा मटर का दाना गिर गया होगा |”
प्रश्न-7. मेरे दो प्रश्न : कहानी के आधार पर दो सवाल बनाइए –
1] चिड़िया को मटर का दाना कहाँ पड़ा मिला ?
2] इस इस कहानी से क्या शिक्षा मिली ?
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