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सोमवार, 15 जनवरी 2024

पर्यायवाची या समानार्थी शब्द

 पर्यायवाची शब्द वो शब्द हैं जिनका अर्थ या भाव एक समान होता है, नीचे कुछ पर्यायवाची शब्द दिए गए हैं। पढ़िए और अपने शब्द भंडार को बढ़ाइए।




पत्थर - प्रस्तर, पाहन पाषाण, उपल।

पानी— जल, वारि, नीर, तोय, सलिल, अंबु।

आकाश — व्योम, शून्य, गगन, अम्बर, आसमान, अंतरिक्ष, नभ,, धौ, अनंत।

हवा — पवन, वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत्, पवमान, बयार, प्रकंपन, समी।

साँप — सर्प, नाग, विषधर, व्याल, भुजंग, उरग, अहि पन्नग।

जंगल — वन, कानन, बीहड़, विटप, विपिन।

घर — गृह, सदन, आवास, आलय, गेह, निवास, निलय, मंदिर।

अमृत — सुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक।

असुर — राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर, दनुज, यातुधान, निशिचर, रजनीचर।

अग्नि — आग, अनल, पावक, वह्नि।

अश्व — घोड़ा, हय, तुरंग, वाजी, घोटक, सैंधव।

आकाश — गगन, नभ, आसमान, व्योम, अंबर, धौ, अंतरिक्ष, अनंत।

आँख — नेत्र, दृग, नयन, लोचन, चक्षु, अक्षि, अंबक, दृष्टि, विलोचन।

इच्छा — आकांक्षा, चाह, अभिलाषा, कामना, ईप्सा, मनोरथ, स्पृहा, ईहा, वांछा।

इंद्र — सुरेश, देवेंद्र, देवराज, पुरंदर, सुरपति, मघवा, वासव, महेंद्र।

ईश्वर — प्रभु, परमेश्वर, भगवान, परमात्मा।

कमल — जलज, पंकज, सरोज, राजीव, अरविन्द, नीरज।

गरमी — ग्रीष्म, ताप, निदाघ, ऊष्मा।

गृह — घर, निकेतन, भवन, आलय,निवास, गेह, सदन, आगार, आयतन, आवास, निलय, धाम।

गंगा — सुरसरि, त्रिपथगा, देवनदी, जाह्नवी, भागीरथी।

चंद्र — चाँद, चंद्रमा, विधु, शशि, राकेश, हिमांशु, सुधांशु, सुधाकर, सुधाधर, सारंग, निशाकर, निशापति, रजनीपति,मृगांक, कलानिधि।

जल — वारि, पानी, नीर, सलिल, तोय, उदक, अंबु, जीवन, पय, अमृत, मेघपुष्प।

नदी — सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा, निम्नगा, कूलंकषा।

पवन — वायु, समीर, हवा, अनिल।

पत्नी — भार्या, दारा, अर्धांगनी, वामा, गृहिणी, बहू, वधू, कलत्र, प्राणप्रिया।

पुत्र — बेटा, सुत, तनय, आत्मज, जनज, लड़का, तनुज।

पुत्री — बेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता, नंदिनी, तनुजा।

दोस्त — बन्धु, मित्र, साथी, यार, सखा, हितैषी, अंतरंग, साखी, साथी, मीत, सहायक।

पृथ्वी — धरा, धरती, वसुधा, भूमि, वसुंधरा, भू, इला, धरा, धरत्री, धरणी।

पर्वत — शैल, नग, भूधर, पहाड़, अंचल, महीधर, गिरि, भूमिधर, तुंग, अद्रि।

बिजली — चपला, चंचला, दामिनी, सौदामनी, विधुत्, तड़ित, बीजुरी, क्षणप्रभा।

मेघ — बादल, जलधर, पयोद, पयोधर, घन।

राजा — नृप, नृपति, भूपति, नरपति, भूप, महीप, महीपति, नरेश, राव, सम्राट्।

रजनी — रात्रि, निशा, यामिनी, विभावरी।

सर्प — साँप, अहि, भुजंग, विषधर, व्याल, फणी, उरग, पन्नग, नाग।

सागर — समुद्र, उदधि, जलधि, वारिधि, पारावार, सिंधु, नीरनिधि, नदीश, पयोधि, अर्णव, पयोनिधि, रत्नाकर, अब्धि, वारीश, जलधाम, नीरधि।

सिंह — शेर, वनराज, शार्दूल, मृगराज, व्याघ्र, पंचमुख, मृगेंद्र, केशरी, केहरी, केशी, महावीर।

सूर्य — रवि, दिनकर, सूरज, भास्कर, मार्तंड, मरीची, प्रभाकर, सविता, पतंग, दिवाकर, हंस, आदित्य, भानु, अंशुमाली।

स्त्री — ललना, नारी, कामिनी, रमणी, महिला, वनिता, कांता।

शिक्षक — गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।

हाथी — कुंजर, गज, द्विप, करी, हस्ती।

सिर - शीश, मुंड, माथा।

अनुपम-- अपूर्व, अनोखा, अद्भुत, अनूठा, अद्वितीय, अतुल।

आम-- आम्र, रसाल, अमृतफल, सहकार, अतिसौरभ, च्यूत।

आनंद-- मोदी, प्रमोद, हर्ष, आमोद, सुख, प्रसन्नता, आह्लाद, उल्लास।

आश्रम-- मठ, विहार, कुटी, स्तर, अखाड़ा, संघ।

कपड़ा-- वस्त्र, पट, वसन, अंबर, चीर , परिधान।

कमल-- सरोज, जलज, अब्ज, पंकज, अरविंद, पद्म, कंज, शतदल, अंबुज, सरसिज, नलिन, तामरस।

किरण-- मरीचि, मयूख, अंशु, कर, रश्मि, प्रभा, अर्चि, गो।

कुबेर-- किन्नरेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज।

गणेश-- लंबोदर, एकदंत, मूषकवाहन, गजवदन, गजानन, विनायक, गणपति, विघ्ननाशक, भवानी नंदन, महाकाय, विघ्नराज, मोदकप्रिय, मोददाता।

गदहा-- खर, गर्दभ, धूसर, रासभ, बेशर, चक्रीवान्, वैशाखनंदन।

चोर-- तस्कर, दस्यु, रजनीचर, मोषक, कुंभिल, खनक, साहसिक।

यमुना-- सूर्यसुता, सूर्यतनया, कालिंदी, अर्कजा, कृष्णा।

तालाब-- सर, सरोवर, तड़ाग, हृद, पुष्कर, जलाशय, पद्माकर।

दास-- अनुचर, चाकर, सेवक, नौकर, भृत्य, किंकर, परिचारक।

दुःख-- पीड़ा, व्यथा, कष्ट, संकट, शोक, क्लेश, वेदना, यातना, यंत्रणा, खेद।

देवता-- सुर, अमर, देव, निर्जर, विबुध, त्रिदश, आदित्य, गीर्वाण।

द्रव्य-- धन, वित्त, संपदा, विभूति, दौलत, संपत्ति।

नौका-- नाव, तरिणी, जलयान, जलपात्र, तरी, बेड़ा, डोंगी, पतंग।

पति-- भर्ता, वल्लभ, स्वामी, आर्यपुत्र।

पक्षी-- विहंग, विहग, खग, पखेरू, परिंदा, चिड़िया, शकुंत, अंडज, पतंग, द्विज।

पंडित-- सुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, प्राज्ञ, विचक्षण।

पुष्प-- फूल, सुमन, कुसुम, प्रसून।

बाण-- तीर, शर, विशिख, आशुग, शिलीमुख, इषु, नाराच।

ब्रह्मा-- आत्मभू, स्वयंभू, चतुरानन, पितामह, हिरण्यगर्भ, लोकेश, विधि, विधाता।

वृक्ष-- तरु, द्रुम, पादप, विटप, अगम, पेड़, गाछ।

मछली-- मत्स्य, झख, मीन, जलजीवन, सफरी, झष, जलीय जीव।

महादेव-- शंभु, ईश, पशुपति, शिव, महेश्वर, शंकर, चंद्रशेखर, भव, भूतेश, गिरीश, हर, त्रिलोचन।

मेघ-- घन, जलधर, वारिद, बादल, नीरद, वारिधर, पयोद, अंबुद, पयोधर।

मुनि-- यती, अवधूत, संन्यासी, वैरागी, तापस, संत, भिक्षु, महात्मा, साधु, मुक्तपुरुष।

रात्रि-- शर्वरी, निशा, रात, रैन, रजनी, यामिनी, त्रियामा, विभावरी, क्षणदा।

विष्णु-- गरूड़ध्वज, अच्युत, जनार्दन, चक्रपाणि, विश्वंभर, मुकुंद, नारायण, हृषीकेश, दामोदर, केशव, माधव, गोविंद, लक्ष्मीपति, विभु, विश्वरूप।

समूह-- समुदाय, वृंद, गण, संघ, पुंज, दल, झुंड, मंडली, टोली, जत्था।

सरस्वती-- ब्राह्मी, भारती, भाषा, वाक्, गिरा, शारदा, वीणापाणि, वागीशा।

सोना-- सुवर्ण, स्वर्ण, कंचन, हाटक, कनक, हिरण्य, हेम, जातरूप।

सुंदर-- रुचिर, चारु, रम्य, सुहावना, मनोहर, रमणीक, चित्ताकर्षक।


गुरुवार, 11 जनवरी 2024

मज़ेदार मुहावरे

 

मुहावरा एक ऐसा वाक्य होता है जो वाक्य की रचना करने पर अपना एक अलग अर्थ या विशेष अर्थ प्रकट करता है। इनका प्रयोग करने से भाषा, आकर्षक, प्रभावपूर्ण तथा रोचक बन जाती है।


1. मुहावरा: आँख का तारा 
अर्थ:
बहुत प्यारा
वाक्य प्रयोग: यह बच्चा मेरी आँखों का तारा है।


2. मुहावरा – खून का प्यासा
अर्थ – जानी दुश्मन होना
वाक्य प्रयोग – उसकी क्या बात कर रहे हो, वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है।


3. मुहावरा: खून ठण्डा होना

अर्थ: उत्साह से रहित होना या भयभीत होना

वाक्य प्रयोग: आतंकवादियों को देखकर मेरा तो खून ठण्डा पड़ गया।


4. मुहावरा: गढ़ फतह करना

अर्थ : कठिन काम करना

वाक्य प्रयोग: आई.पी.एस पास करके दीक्षा ने सचमुच गढ़ फतह कर लिया


5. मुहावरा: गधे को बाप बनाना

अर्थ: काम निकालने के लिए मूर्ख की खुशामद करना

वाक्य प्रयोग : कार्तिक गधे को बाप बनाना अच्छी तरह जानता हैं।


6. मुहावरा: घर घाट एक करना

अर्थ: कठिन परिश्रम करना

वाक्य प्रयोग: नौकरी के लिए संजय ने घर घाट एक कर दिया।


7. मुहावरा: दिन गँवाना

अर्थ: समय नष्ट करना

वाक्य प्रयोग: बेरोजगारी में रोहन आजकल यूँ ही दिन गँवा रहा है।


8. मुहावरा: पासा पलटना

अर्थ: स्थिति उलट जाना

वाक्य प्रयोग: क्या करें पासा ही पलट गया, सोचा कुछ था हो कुछ गया।


9. मुहावरा – नजरबंद करना

अर्थ – जेल में रखना
वाक्य प्रयोग – गाँधी जी को अंग्रेजों ने कई बार नजरबंद करके रखा था।


10. मुहावरा – दीवारों के कान होना

अर्थ – किसी गोपनीय बात के प्रकट हो जाने का खतरा

वाक्य प्रयोग दीवारों के भी कान होते हैं, अतः तुम लोग बात करते समय सावधानी रखा करो।


11. मुहावरा – थक कर चूर होना

अर्थ – बहुत थक जाना

वाक्य प्रयोग – मई की धूप में चार कि० मी० की पैदल यात्रा करने के कारण मैं तो थककर चूर हो गया हूँ।


12. मुहावरा – तिनके का सहारा

अर्थ – थोड़ी-सी मदद

वाक्य प्रयोग – मैंने मोहित की जब सौ रुपए की मदद की तो उसने कहा कि डूबते को तिनके का सहारा बहुत होता है।


13.मुहावरा – डंका बजाना

अर्थ – प्रभाव जमाना
वाक्य प्रयोग – आस्ट्रेलिया ने सब देशों की टीमों को हरा कर अपना डंका बजा दिया

14. मुहावरा – टाँग अड़ाना
अर्थ – अड़चन डालना
वाक्य प्रयोग – हर बात में टाँग ही अड़ाते हो या कुछ आता भी है तुम्हे ?

15. मुहावरा – जख्म पर नमक छिड़कना
अर्थ -दुःखी या परेशान को और परेशान करना
वाक्य प्रयोग – जब सोहन भिखारी को बुरा-भला कहने लगा तो मैंने कहा कि हमें किसी के जख्म पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए।




Lesson 2 The Ant and the Dove/ PATELS CLASS 5

  Lesson 2 The Ant and the Dove Q.1 : Answer the following questions : (a) Where did the ant go and why ? Ans: The ant went to a river to dr...